• bhavesh_writes 6w

    इन नज़रो मैं छुपे है सितारे कोई
    जहाँ दिल हारे कोई जान हारे कोई ।

    हँस दे खिल के तो सुबह खिल जाये
    मुस्कुराये तो शाम ठहर जाये कोई ।

    ये जुल्फे जो तेरी नया आसमान बनाती है ,
    बिखेरो जब बिखर जाये ज़मीन पे चाँद तारे कोई ।

    सुर्ख लबो पे एक भीगी सी नज़र बैठी है
    बैठा हो जैसे आशिक़ नदी के किनारे कोई ।।

    ©shubha_writes
    @भावेश जांगिड़ ।।