• anjanakoi 7w

    मेरा गाँव

    आज गाँव आया हूँ,
    यहाँ अब भी कुछ अजीब है,
    आम की डाल थोड़ी ज्यादा झुकी है,
    दरख़्त कुछ ज्यादा घना है,
    लोग आपस में बात कर रहे हैं,
    बच्चे चोर-पुलिस खेल रहे हैं,
    पानी में स्वाद है, मीठा।

    हाँ! मगर, द्वेष की जड़ें भी गहरी हैं,
    गाँव कई टोलों में बँटा है,
    बँटवारे का आधार भी वही पुराना,
    आपकी-हमारी जाति।
    ©anjanakoi