• tej_ptl_3_7 3w

    तुझे लगता है मै ये शायरी-वायरी सबके लिए करता हूँ,
    पगली ये जो दिल के अल्फ़ाज़ है ना वो "तेज" सबके लिए लिखता नहीं!

    कैसे कहुँ तुझे के तेरा चेहरा देख मेरे दिल के अल्फ़ाज़ यु बहार निकलते है,
    इतनी जल्दि तो ये सुरज भी आसमान की ओर भागता नहीं!

    जब तु मेरे सामने होती है तब कही बार मैने तुझे अपनी आँखो से लिखा है,
    बुध्दू सा तेरा दिल है की मेरी आँखो को ये कभी पढ़ता नहीं!

    फ़ना हो जाऊ तेरी हर एक अदा पे और जान वारदु तेरी हसी पे,
    इतना प्यार तुझे करू की ये रान्झा भी हीर से कभी करता नहीं!

    माना है प्यार तुझे भी मुझसे और मुझे भी तुझसे पर क्या करे,
    वो जो रब है ना वो हमारे दिल के रास्ते एक बनाता नहीं!

    मालुम है मुझे तु भी प्यार करती है मुझसे ये छिपाती क्यु है?
    लाख कोशिस करले पर तुझे तेरा प्यार छिपाना आता नहीं!

    जीना है मुझे तेरे संग मरना है मुझे तेरे संग,
    बस यही एक ख्वाब है "तेज" का जो कभी पुरा होता नहीं!

    -TEJKIDIARYSE