• chahton_ka_prinda_sanjay 6w

    #गजल (क्या कहे]

    आपने इतना कह दिया, हम भला क्या कहे,
    बिखरी इस जिंदगी का सिलसिला क्या कहे,

    जो बीत गया वो लौट कर ना आया कभी,
    आगे जो होगा उसका हम कारवां क्या कहे,

    मन रहता है तन्हा एक जगह ठहर कर,
    जमाने का ये फलसफा बदलता क्या कहे,

    क्या हासिल हुआ क्या कभी हासिल नहीं,
    इन उलझे किस्सों की हम वजह क्या कहे,

    किस ओर है रुझान, मालूम नहीं संजय,
    कि इन करवटी उल्फतो की रजा क्या कहे

    © चाहतो का परिंदा----संजय