• kishore_nagpal 14w

    शुकराना

    मैं मग्न था सब्जी में नुख्स निकालने में,
    कोई सूखी रोटी का ईश्वर से शुकर मना रहा था...

    हे गुरुदेव.....
    मेरे प्रारब्धो से हजारो गुना ज्यादा दिया आपने मुझे ।
    अब मुझे शुकराना करना सिखा दीजिये ।

    आज भी तेरा शुकराना
    कल भी तेरा शुकराना
    सुबह भी तेरा शुकराना
    शाम भी तेरा शुकराना
    हर घडी हर पल शुकराना.....।
    ©kishore_nagpal