• diarydil_di 1w

    काले काले नैना तकते राह तेरी
    कब तू आयेगा ।
    शाम हाेती चली गहरी
    कब तू आयेगा ।
    जरा सी आहट लगे ,
    तो लगता तू आया है,
    पर ये मेरे कोई और ही
    साया है
    मन बड़ा बैचेन है
    काली बहुत ये रैन है
    घड़ी की सुई भी उदास है
    तेरे अाने की बस आस है
    अब तो आँखें भी हो गयी नम,
    कब तू आएगा

    यही चाेैखत पर बेठै बेठै रात गुजर गयी
    पता ही ना चला
    कब ना जाने ये नींद बिखर गयी
    चाँद भी अपने घर को लौट रहा,
    ना जाने तू कब अायेगा !
    _ashu
    @diarydil_di