• anangshri 15w

    इंतज़ार

    कभी कभी क़यामत तक इंतज़ार रहता है उस लम्हे का जो शायद हम जानते हैं कि कभी न आएगा । फिर क्यूँ ये इंतज़ार ये बेचैनी ये तड़पन सुख चैन छीन सा लेती है । शायद दिल का कोई कोना सत्य स्वीकारना नही चाहता ,दिमाग़ कुछ भी कहे । जाने क्यूँ ?