• priyajha24 5w

    बाजार

    जिस बाजार को देखा बनते हुए
    आज उससे आज़र होते देखा मैन
    जिन चेहरों की मुस्कान थे वो
    बाजार उन चेहरों की
    मुस्कान को आँसू में तब्दील
    होते देखा मैंने
    किसी को कहते सुना मैंने
    शहर का रुख बदल देंगे नए
    आधुनिक बाज़ार
    पर जरा ये भी तो कोई पुछे
    की क्या बदल पाएंगे
    ये उन बेजान चेहरों की
    रंगत उनके घर के दिये
    क्या ये जला पाएंगे
    ये बाजार ही तो
    जो बदल देंगे आज
    इस शहर की काया।
    ©priyajha24