• ek_qatra_ishq 5w

    इतना खुश कभी कभी की गले लगा के झूम लें
    जी करे कभी मगर की हम किसी से न मिलें
    यूँ तो बातें कभी कभी चालीस वर्ष सी करें
    पर बच्चों सा बन जाने को कभी यूँही मन करे
    कभी दिल में एक क्रांति का अजब सा रंग चढ़े
    कभी भाड़ में जाये दुनिया हमें ना फर्क पड़े

    ___लाखों रंग हैं मेरे और मैं सबसे परेशान___

    ©ek_qatra_ishq