• harshaljain 14w

    गहराई

    इश्क के समुन्दर की गहराई को पहचान ना सका ,
    महोब्बत तो थी उससे पर उसे अपना मान ना सका !
    इज़हार ना वो कर पायी ना ही मैं इज़हार कर पाया ,
    कब कहाँ ओझल हो गयी वो ये मैं ना कभी जान सका !!



    ©harshaljain