• krishnsharma 15w

    मेरा बेटा

    चौखट पर बैठी मेरी माँ
    कर रही है इंतजार मेरा,
    बॉर्डर से आये उसका बेटा ,
    यही सोच के रास्ते निहार रही माँ।

    कॉटन की साड़ी लाऊंगा तेरे लिए माँ
    यही कहकर निकला था घर से,
    सब लोगो से यही बोल बोल कर,
    खुश हो रही है मेरी माँ।

    लायेगा इमारती ,जलेबी मीठे में,
    खिलायेगा वो अपनों हाथो से,
    उसी मीठे की आश में,
    चौखट पर बैठी हे मेरी माँ।

    रातो में बार बार उठ बैठ जाती है,
    किबाड़ की आहट सुनते ही,
    खोलकर देखती हे किबाड़ फिर से ,
    दुःख में जाकर फिर लेट जाती है माँ।

    एक बहु भी लायेगा केहता था वो,
    बहु की नज़र उतरने के लिए ,
    आश में आज भी बैठी है मेरी माँ।

    बापू से कहता था जीत लाऊंगा
    मैडल सारे सजा लेना छाती पर तुम,
    गर्व से करना मेरी बातें ,
    हर सपना पूरा कर जाऊंगा ।

    इन सपनो के सपने लिए
    आज भी चौखट पर बैठी है मेरी माँ।
    ©krishnsharma