• wittywordsmith 12w

    मैं खुश हूं।
    And that's all that matters!

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    मैं वो नहीं

    मैं वो नहीं,
    जो आज दुनिया के सामने साबित हुई हूं।
    हां कहीं, यह बात खटकती है कि,
    आखिर मैं वो क्यों नहीं हूं ?
    सच टिका है चंचल झूट पे,
    जिसे रचा था मैने सोच के।
    कि कम्सकम लगों तक,
    आवाज़ पहुचाऊं,
    जो दफन कहीं थी,सदियों से।।
    भले आवाज़ मेरी ना थी,
    पर जज़्बात, तो मेरे अंश थे।
    ना परवाह मुझे, अपने नाम की,
    क्योंकि,
    दिल तक, बात पहुंचेगी,
    दिल से।।
    ©wittywordsmith