• prajjval_nira_mishra 15w

    रूप सजा गुण शील पुनीत बस नारी का रूप नही।
    नारी के आँगन में खुशियों की कहे कोई धूप नही।
    अबला नही बनेगी सबला  फिर धरती भी चमकेंगी।
    खुद की किस्मत में लाखों खुशियां खुद नारी लिख देगी।
    ©prajjval_nira_mishra