• i_m_arora82 14w

    जिंदगी

    सबको भुलाया था मैंने
    बस तुझको पाया था।
    तू ही तो मंज़िल मेरी
    तू ही मेरा साया था।।

    था यकीन तू होगी पास
    जिंदगी बस देगी साथ।
    अब तू नही तो साथ मेरे
    जिंदगी में कोई नही है।।

    में तो रोया हु अकेले
    तन्हाई भी मेरी रोई है।
    तुझको पाने की खातिर
    राते मेरी तन्हा सोई है।।

    खाबो में देखु तुझको
    अनकही अब कहानी है।
    देखु जहा भी तुझको
    तू अनकही मेरी कहानी है।।

    ऐ जिंदगी तू है कहा
    तुझ बिन कटे न मेरे।

    तन्हा ये समा।।

    ©i_m_arora82