• sawanthakur 15w

    अंधेरा

    हर तरफ है अंधेरा कहीं उजाला नहीं है.... सभी है बग़ैर दिल के कोई दिलवाला नहीं है....हवस ने यहा आज मोहब्बत को पाला....यह खुला है दरवाजा यहां कोई ताला नहीं है.... सिर्फ पैसों की पूजा है होती यहां पे....किसी ने भगवान को मंदिर से निकाला नहीं है....कल मुझपे ही बरसे यह मेरे दिल तोड़ने वाले....बोले क्यों उनके दिल को मेंने सम्भाला नहीं है....जब दिखावा हो करना तो सब पेसै वाले....कोई मदद उनसे मांगे तो कोई पेसै वाला नहीं है....हर तरफ है अंधेरा कहीं उजाला नहीं है....सभी है बग़ैर दिल के कोई दिलवाला नहीं है....!!!!

    © सावन ठाकुर