• whosthewriter 7w

    अच्छा सुनो ,
    बोहोत देर होगायी हैं, अब वापस आजाओ,

    घर बड़ा सुना हैं, और ये दिल भी तनहा,
    बोहोत देर होगायी हैं, अब वापस आजाओ,

    वो तुम्हारी सारी चीज़ें संभाल कर रखी है मैंने,
    वो आइना अभी भी तुम्हारी सूरत देखने के लिये तरस रहा हैं,
    सुनो, बोहोत देर होगायी हैं, अब वापस आजाओ,

    अपनी सारी ग़लतियाँ सुधार लूँगा, तुम्हारी हर बात भी मान लूँगा,
    सुनो तो सही, बोहोत देर होगायी हैं, अब वापस आजाओ,

    ©whosthewriter