• saknim24 38w

    समय

    बहता रहता जो
    न किसी के लिए ठहरे,
    वह है बलवान और चंचल
    न एक किसी की सुने।
    कोई कहे उसे अच्छा,कोई कहे बुरा
    कोई कहे मेरा तो कोई कहे तेरा,
    कोई पलकें बिछाए ताके उसकी राह
    कोई उसके बीत जाने की करे प्रार्थना हजार।
    वह अपनी गती किसी के लिए न बदले
    उसे अपनाकर बन जाओ सब सयाने,
    उसकी नियति है चलना और निरंतर वह चलता जाए
    वह है समय जो कभी न रूकना जाने...
    ©saknim24