• viratthinktank 6w

    आज मैं यहां एक बीमार आदमी के बारे में कुछ विचार आया तो कुछ पंक्तियां लिखकर आप सब लोगों को सुना रहा हूं, मैंने यहां कुछ ऊर्दू शब्द भी लिखने की कोशिश की है अगर कुछ गलत हो तो बे हिचक आप अपने विचारों को मुझसे साझा कर सकते हैं,
    @mirakeeworld @hindiwriters @hindikavyasangam @writersnetwork @jayraj_singh_jhala @hindilekhan
    #urdu #hind #hindi #hindilekhan

    कुछ शब्दों के अर्थ इस तरह है
    मजलिस = सभा , चाह-ए-चारा-गर = love , affection,desire for night well,;
    दिल-ए-गम-जदा = sorrowful heart
    सोंग- नशीं = sitting in mourning
    औराक -ए-गुल = हस्ती भरा गुलाब
    परवर्दा-ए-नवा = broughtup by world
    शब-ए-मातम = night of morning
    मसीहाई = miraculous power of god
    ता-सहर = upto city
    ब- चश्म-तर = with wet/ tearful eys भीगी‌पलके
    नाज़ = pride

    @viratthinktank

    # बिमारू आदमी #

    इस नूऱ जहां में ये कलमकार
    किस मजिलस में फ़रियाद लेकर जाए,

    मेरी चाह-ए-चारा-गर भी जो यूँ गुज़र जाएँ
    फिर ये कलमकार (बिमारु) किस के घर जाएँ ,
    आज मेरे दिल �� का ग़म बड़ी क़यामत पर है
    आज सब दिल के नक्श-ए-ग़म-ज़दा उभर जाएँ,

    आज इस नूऱ जहां में ये कलमकार
    किस मजिलस में फ़रियाद लेकर जाए।।१।।

    है उसके बहारों की रूह सोग-नशीं दिल को लगी
    सारे औराक़-ए-गुल दिल के बिखर जाएँ ,
    नाज़-परवर्दा बे-नवा मजबूर हूं मैं
    जाने वाले ये सब किधर जाएँ ,

    इस नूऱ जहां में ये कलमकार
    किस मजिलस में फ़रियाद लेकर जाए ।।२।।

    कल का दिन हाए, हाए कल का दिन ऐ 'विराट’
    काश इस रात हम भी इस आसमां के नीचे मर जाएँ,
    है शब-ए-मातम-ए-मसीहाई इस जहां में
    अश्क दामन में ता-सहर जाएँ ,

    इस नूऱ जहां में ये कलमकार
    किस मजिलस में फ़रियाद लेकर जाए।।३।।

    ऐ मरने वाले तिरे जनाज़े में
    क्या फ़क़त हम ब-चश्म-तर बतर जाएँ
    काश दिल दरिया में ख़ून हो के बह जाए
    काश आँखें लहू में भर जाएँ ,

    इस नूऱ जहां में ये कलमकार
    किस मजिलस में फ़रियाद लेकर जाए ।।४।।

    @ViratThinkTank

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    # बिमारू आदमी #

    इस नूऱ जहां में ये कलमकार
    किस मजिलस में फ़रियाद लेकर जाए,
    !!!!
    ऊपर caption में पूरा लिखा गया है वहां आप सभी लोग पूरा पढ़ सकते हैं।

    ©viratthinktank