• kingofsoul 15w

    'नारी'

    नारी=रूप कई, धर्म एक:-बलिदान।
    नारी=चाह कई बेनसीबी ना मिला खुला आसमान।
    नारी=अँधेरो को छाँटने वाला 'दीया'।
    नारी=जिसने हर सुख दूसरों को समर्पित किया।
    नारी=कीचड़ में खिला कमल।
    नारी=बेदाग़ पवित्र निर्मल धवल।
    नारी=परित्याग की परिभाषा।
    नारी=जिसकी कुचल दी गईं समस्त अभिलाषा।
    नारी=जिसके स्वप्न को कुचल 'माँग' भरी प्रथाओं ने।
    नारी=जिसके सुख को स्वाद ले खाया व्यथाओं ने।
    नारी=जिसके स्वाभिमान ने रच डाली 'महाभारत'।
    नारी=जिसके प्रेम का प्रतीक बनी इमारत।
    नारी=जिसके हठ ने अमर की यात्रा 'राम' की।
    नारी=जिसकी भक्ति ने जीवित की प्रतिमा 'श्याम' की।
    नारी=जिसने रक्षा की अपने अर्धांग के सम्मान की।
    नारी=जिसने धर्म के आगे तनिक परवाह ना की जान की।
    नारी=सशक्त है, दुर्बल नहीं।
    नारी=कोमल है, अबल नहीं।
    By vaibhav Saraswat