• sukanya18 23w

    मां

    खोली थी आंखे जिस दिन ,
    आपकी ही छाया बनने की आस लगाई थी।
    देखते देखते काया तो बढ़ गई मेरी,
    पर बढ़ते हुए आपकी उन खुभीयो को नाप ही नहीं पाई।
    हर दिन एक नई परीक्षा,
    हर दिन उनसे लड़ने का अपनाते हो नया तरीका।
    किसी और शक्स को मै जानती नहीं,
    जिसमे आप के जैसी समझ धेर्य प्यार दुलार है।
    आप मेरी मां हो, ये मेरा परम सौभाग्य है।
    छाया का पता नहीं आपकी बेटी कहलाने के काबिल होजाऊ बस यही अब एक आस है।
    ©sukanya18