• shriradhey_apt 15w

    बहुत मुद्दतों बाद खुद से मुलाकात हुई
    बातों ही बातों में न जाने कितनी बात हुई
    कुछ पास वो आया, कुछ करीब हम हुए
    फिज़ाओ में जैसे इश्क़ की बरसात हुई
    दूरियां जो थी दरमियाँ कम सी होने लगी
    कुछ ऐसे अपनेपन से हमारी बात हुई
    दिन उसके ख़्याल से शुरू होता है हमारा
    रात ऐसी न गुज़री जब उसकी बात न हुई
    यू धीरे धीरे वो मुझमें कही सिमटता रहा
    हमारी भी राहे ख़ुशनुमा औऱ आबाद हुई
    क्या ये इश्क़ है, हाँ हाँ ये इश्क़ है
    जी यक़ीनन यहीं इश्क़ है .....

    ©shriradhey_apt