• raghav_mundra 15w

    3rd post #मेरी किस्मत ने #writer #hindipoems

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    मेरी किस्मत ने.....

    मेरी किस्मत ने मेरा तिरस्कार कर दिया 
    सागर की लहरो ने किनारो से इंकार कर दिया 
    गुमसुम ख़ामोशी में खुद से बात क्या की 
    लोगों ने हसते हुए पागल करार कर दिया 
    रात को चारदीवारी  में तेरी याद संग बैठा था 
    अँधेरे ने खुद को चमकदार कर दिया 
    तुझे भूलने की चाह में घर से बहार निकला 
    शहर के लोगों ने दरकिनार कर दिया 
    मेरे हालातों ने भी मुझसे समझौता नहीं किया 
    तेरी चाहत ने हर पल मौत को भी बेकार कर दिया 

    ©raghav_mundra