• vivan_mac 6w

    प्यास दिल की बुझाने वो कभी आया भी नहीं, 
    कैसा बादल है जिसका कोई साया भी नहीं, 
    बेरुखी इससे बड़ी और भला क्या होगी, 
    एक मुद्दत से हमें उसने सताया भी नहीं।