• kishore_nagpal 16w

    इबादत कर, इबादत कर,
    इसे नाल गल्ल बनदी है।
    किसे दी आज बनदी है,
    किसे दी कल बनदी है।

    और इबादत क्या‌ है

    इबादत वो है
    जिसमें जरूरतों का
    ज़िक्र ना हो,

    सिर्फ उसकी रहमतों
    का शुक्र हो ।।

    अर्थात हर पल, हर क्षण, हर घड़ी,
    जीवन की हर परिस्थिति में,
    जीवन के हर मोड़ पर,
    उस परमेश्वर का शुकराना कीजियेगा।
    ©kishore_nagpal