• masumiyat 16w

    दिल के जज्बात अब अल्फ़ाज़ बन गये हैं
    देखो हम क्या से क्या बन गए हैं

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    जख्म

    हां हूं मैं जख़्म तेरा
    तुझे याद दिलाऊंगा
    हर दर्द तेरा ...........

    वो तेरा नींदों को खोना
    वो किसी की गोद मे सोना
    वो यूही मुस्कुरा जाना
    वो छोटी सी बात पर शर्मा जाना

    नहीं बनूँगा मरहम तेरा
    तुझे याद दिलाऊंगा हर दर्द तेरा

    वो उसका तुझे छोड़ जाना
    वो बुलाने पर भी वापस न आना
    तेरे साथ बिताए हर लम्हे को मिटा जाना
    वो सारे कसमें वादे भुला जाना

    नहीं बनूँगा हमदम तेरा
    तुझे याद दिलाऊंगा हर दर्द तेरा

    वो तेरा पल पल आँसू बहाना
    वो टूट कर बिखर जाना
    वो किसी के सामने न आना
    वो उसकी ही यादों में सारा दिन बिताना

    नहीं बनूँगा शुभचिंतक तेरा
    तुझे याद दिलाऊंगा हर दर्द तेरा

    हां हूं मैं जख़्म तेरा
    तुझे याद दिलाऊंगा
    हर दर्द तेरा ...........
    ©masumiyat