• archie_writes18 3w

    यूं जो हर रात रो रो कर तकिए को भिगो देता हूं,
    कोई तो वजह होगी जो हर बात पे रो देता हूं
    यूं जो सुबह उठकर अजान से पहले तुम्हारा नाम लेता हूं,
    कोई तो वजह होगी जो मैं तुमसे बे ईमतीह मोहब्बत करता हूं।
    यूं जो हर बार तुम्हारा कंधा ढुंढता हूं
    यूं जो हर बात तुमसे मैं कह जाता हूं,
    कभी सोचा है, आखिर तुम हीं क्यों कोई और क्यों नहीं?
    हर बार टूट कर बिखर जाता हूं तुम्हारे सामने
    ये सब समझ पाना इतना आसान नहीं।

    ©archie_writes18