• theanonymouspoet 5w

    मुद्दत बाद मिले थे
    सोचा कुछ बातें होंगी
    कुछ अपना हाल वो कहेंगे
    थोड़ी खेरीयत हम सुनाएंगे
    ज़रा सा वो हसेंगे
    तो थोड़ा हम भी मुस्कुरा देंगे
    पर नज़दीक हुए तो मालूम हुआ
    कुछ अजनबी से हो गए हैं हम
    तर्ज़-ए-अमल उनका बदला सा था
    अल्फाज़ भी थोड़े बदेशी थे
    पूछने पर मुस्कुरा पर सब मुनासिब बताया
    और आगे बढ़ गए
    उस पल ज़रा हैरान तो हुए हम
    फिर खयाल आया,
    शायद लोग कुछ मशरूफ है इन दिनों
    या हम कुछ फज़ूल |

    Read More

    ..