• bitturohit 5w

    उसकी बाहो में पूरी रात निकाल दी थी मैने,
    फिर उसे इश्क़ की निशानी कमाल दी थी मैंने।

    अपने लब उसके लबो पर रख दिये,
    जब कांधे से चोली उतार दी थी मैंने।

    ना खुद सोया ना उसको सोने दिया,
    उसी के जिस्म में पूरी रात गुजार दी थी मैने।

    उसके बेलिबास बदन से खेलते रहा,
    उस जीत पर जिंदगी हार दी थी मैंने।

    सुबह हम अलग नही एक दूसरे में मिले,
    रात ख्वाहिशो को उसकी पतवार दी थी मैंने।।

    Rohit K. Nagar RJ
    ©bitturohit