• aaryamorwal 14w

    शायद कहीं खो गया हूँ मैं
    अपने मकाम को खोज रहा हूँ मैं
    फिर कहीं भटक गया हूँ मैं
    शायद कहीं खो गया हूँ मैं
    अपनी बेबसी पे हस रहा हूँ मैं
    फिर भी तः उम्र कोशिश कर रहा हूँ मैं
    शायद कहीं खो गया हूँ मैं
    अपने जज़्बात्तों से लड़ रहा हूँ मैं
    फिर कहीं तमाम रिश्ते गवाह रहा हूँ मैं
    शायद कहीं खो गया हूँ मैं
    अपने खाव्‍बों से अंजान हूँ मैं
    आज फिर महताब से नाराज़ हूँ मैं
    शायद कहीं खो गया हूँ मैं
    अपने खयालात समेट रहा हूँ मैं
    फिर शब्दों को पिरो रहा हूँ मैं