• ayushsingh181 2w

    मेरे अल्फाज़ो को मेरी फितरत ना समझ लेना जनाब
    मुमकिन है मेरे लफ्ज़ कठोर हो

    पर कभी इत्मीनान से उन लफ़्ज़ की गेहराई में उतरना
    वहां तेरा मेरा एक जहां मेहफ़ूज़ मिलेगा

    ©ayushsingh181