• malisha 6w

    कुछ है जो खास हो तूम......दिल को रोका ...पर दिल के राज हो तुम ....क्या हुआ जो पास ना हो तुम ,जितने दूर हो उतने पास हो तुम,....क्या हुआ जो इश्क़ नहीं तुम्हे हमसे...इश्क़ के हुकुमदार हो तुम ....... गर होते साथ तुम तो देख ना पाती बारिश की बूंद ....उस आवाज को ....मिट्टी को सुकून देने वाली महक....
    उन मचलती पंछियो को जो आसमान में मौसम के लुत्फ़ लिए अठखेलिया कर रही....उन परिंदों को जो इश्क़ मैं डूब जाने के लिए तैयार है .....उन पत्तियों को जो खिलखिला के बढ़ती जा रही ....उन हर एक लम्हा जो मैंने तुमको पा के कही खो दिया था .....हाँ तुम खास हो दिल के पास हो तुम ...