• writershikhakashyap 13w

    आज उस रास्ते पर चल कर मेरे पैर फिर काप गए।
    दर्द भी बहुत हुआ उन्हें बयां भी न कर पाए।
    आँसू भी आए उन्हें दिखा भी न पाए।
    चुप भी हम हुए वो वजह भी न जा न पाए।
    आज कुछ इतना सह कर हम अपना दर्द पन्नों पर बयां करना सिख गए।

    ©writershikhakashyap