• rishabh_singh 6w

    तनहा रहना मेरी
    आदत ना थी,

    बस दुनिया से
    थोड़ा-सा खफा हूं

    क्यों ?
    अरे, साहब
    हर कोई मतलबी जो हैं !

    अब मैं ठहरा मन-मौजी !
    क्या करूं ये दुनिया रास नहीं आई !

    ©rishabh_singh