• dreamweaver012 5w

    छा गई है शांति फिर से,
    जुटेंगे एक साथ कब ना जाने फिर से ,
    ना मिला इंसाफ, ना कोई जवाब,
    लगायेंगे फिर से गुहार
    जैसे ही होगा किसी के घर का नाम खराब ।

    लेंगे हाथों में मोमबत्ती और करेंगे प्रदर्शन,
    अपने ढोंग के साथ करेंगे फिर एक लंबा सा अनशन,
    कांपेंगी रूह किसी के फिर बच्चे की,
    बिखर जाऐंगे माँ बाप और जिंदगी उनकी,
    टूटेगा केहर दरिंदगी का ,
    और हम फिर गुहार लगाएंगे इंसाफी के मोहरे का ।
    ©dreamweaver012