• kavish_kumar 10w

    मेरे दिल की दराज से, एक ख्याल तुम्हारा आया है..
    तेरे सारे ख्यालों नें, पन्नों का संसार बसाया है..
    माना कि अभी कुछ भी नहीं है पास में मेरे,
    पर ये जो लिखित अल्फ़ाज़ है, ये ही मेरी सरमाया है..
    एक ख्वाब कल रह गया तुम्हारे पास मेरा,
    आज महकता है ये ख्वाब, क्यूंकि इस पर तुम्हारा साया है..
    एक खत जो तुमको लिखा बदनाम हो गया सफर में ही,
    वो खत ही लौट आया उसने खुद को अभागा पाया है..
    ये आतिश नही बन पाता जो आज है वैसा,
    तेरी वजह से ही एक बदला किरदार निखर कर आया है..
    © Aatish ��