• ayushi_jain 10w

    छोड़ यादें बढ़ चलूँ फ़िर, यह दुनिया मुझे कहती है,
    न माने वो अल्हड़ लड़का, जो मेरे भीतर रहता है,
    नादानी की चादर ओढ़, जब तन्हाई संग सोती हूँ,
    मेरी आहों का भार भी, वो यों मुस्कुराकर सहता है।

    ©ayushi_jain