• nehachande 2w

    "कुछ यादों का युं बार बार आना जरुरी था,
    इनका युं आंखों से छलक जाना जरुरी था,
    अनजाने ही होंठों पे उनका महक जाना जरुरी था,
    गर वो नहीं आते तो कैसे पता चलता की ;
    हमारा युं बहक जाना भी जरुरी था,
    उन अधूरी कहानियों का युं --
    सपनों में पूरा होना ही जरूरी था;
    ताकि वो सुकून जो हमें न मिला --
    वो ख़यालो में ही महसूस होना ज़रूरी था |"
    -नेह!

    ©nehachande