• writers_world2018 6w

    बाजार में पढ़ती रही सिंदूर की कीमत
    मेहंदी को तरसती रही मजदूर की बेटी
    कैसा बाप था वो हाथो में उसके जान थी
    मुँह में जुबान थी
    फिर भी खामोश इसलिए था क्योंकि
    बेटी का बाप था.
    ©aniketlawaniya