• quaintrelle_7 14w

    वो गुनगुनी-सी धूप की तरह आया था।
    हवा का झोंका था कहां ठहर पाया था।
    मेरी हथेली देख के अंदाज़े लगाए उसने,
    चराग़ मेरे दिल में था,मैंने कहां बताया था।
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