• agoree 13w

    MAHABHARAT

    शरीर तेरा कुरूक्षेत्र ,
    भीष्म तुझ में भ्रम है ।

    द्रोण तुझ में द्वेद ,
    कर्ण पाने की इच्छा ,
    कोरव अवगुण अनेक ।

    पांडव पांचों इंद्रिया ,
    ब्रम्ह आत्मा तेरी ।

    ले - ले यह ज्ञान ,
    अभी न हुई देरी ।

    ©agoree ( part 1)