• lonelyvagabond 14w

    वक़्त के पन्नो से उसका नाम मिटाकर,
    हम न जाने कब आगे बढ़ गए,
    कुछ सिलसिले यूं ही इस दिल में कंही गढ़ गये
    वो याद आती भी है तो आईने पर धूल की तरह,
    जिस धूल को हम बिना संकोच के साफ कर गए।
    ©amangupta