• kishore_nagpal 5w

    गुरुपूर्णिमा

    आज "गुरु पूर्णिमा" का अति पावन दिवस.....
    हे मेरे गुरुदेव आपका कोटि कोटि शुकराना....

    अपनी जन्म जन्मांतरो की कठिन तपस्या से प्राप्त "सच्ची नाम कमाई" को मुझ जैसे मंदबुद्धि, नालायक को देने योग्य समझने के लिये आपका शुकराना ।

    मुझ जैसे गंदे मुंदे को भी सीने से लगा लेने के लिये आपका शुकराना ।

    एक अति मूर्ख, अति सांसारिक को नया जीवन दान देने के लिये आपका शुकराना ।

    मैं प्रभु कृपा से प्राप्त अनमोल मानव योनि को यूँ ही व्यर्थ गँवा रहा हूँ, हर घडी हर पल मुझे ये याद दिलाने के लिये आपका शुकराना ।

    मेरे जीवन यापन में बरकत, घर में साधना के लिये अनुकूल आध्यात्मिक माहौल, अच्छा स्वास्थय, अच्छा परिवार, और मैं नाम जप सिमरण कर सकूँ, इस योग्य बनाने के लिये आपका शुकराना ।

    मेरे जीवन की हर मुश्किल घडी, हर विपदा में, सदा सदा मेरे अंग संग रहने के लिये आपका शुकराना ।

    एक सुंदर, अनुशाषित, अध्यात्मिक, अतार्किक जीवन जीना सिखाने के लिये आपका शुकराना ।

    मेरे कर्मो को, मेरे प्रारब्धो को, बदल देने के लिये सदा सदा परिश्रम करते रहने के लिये (भले ही मैं नाम जप, सिमरण, ध्यान करुँ या नही) आपका शुकराना ।

    अपने इतने प्यारे व सुघड साधको का संग दिलाने के लिये (जो हर घडी हर क्षण अपने अनुभव से मुझे विश्वास व सहयोग देते है) आपका शुकराना ।

    गुरुदेव ऐसा प्रतीत होता है मानो मुझे मेरे प्रारब्धो से भी हजारो गुना ज्यादा दे दिया है आपने ।

    हे गुरुदेव.....
    मेरे जीवन का एक एक पल आपकी ही कृपाओ से भरा पडा है ।
    मैं सर्वथा असमर्थ हूँ आपकी कृपाओ का बखान करने और उनका शुकराना कर पाने में ।
    हजारो जन्म लेकर भी आपका शुकराना अदा करना चाहूँ, तो भी संभव नही ।
    गुरुदेव आपके द्वारा मुझ पर लगातार की जा रही कृपा वृष्टि के सामने,
    मेरी आपके प्रति मेरी निष्ठा, मेरी श्रद्धा, मेरे भाव और मेरा शिष्यत्व सब कुछ शून्य है ।

    कृपा करना गुरुदेव.....
    दया करना गुरुदेव.....
    अपने चरणो में ही बनाये रखना गुरुदेव....
    आपके चरण धूलि से कभी उपर ना उठ सकूँ, इतनी ही मेहर करना
    गुरुदेव ।