• _afkaar 16w

    कितने सपने और वादे अधूरे रेह गए हैं.....
    कितनी इस बंजर दिल की दरारें गेहरी हो गई हैं....

    अब ख़ुशी या गम मेहसूस तक नहीं होते...
    ऐसे कुछ मेरे हालात हो गए हैं....

    ©_afkaar