• safar08 6w

    मैं शराबी

    हाँ मैं शराबी हूँ तो क्या ,
    तुम्हे उस से क्या ,
    खुद को बर्बाद करता हूँ तो क्या ,
    तुम तो आबाद हो ना ,
    फिर भी मैं दो पल के जीवन में खुश हूँ ,
    तुम दीर्घ आयु जी कर भी उदास हो ,
    मैं मध में चूर रहता हूँ ,
    कम से कम औरत की इज़्ज़त तो करता हूँ ,
    तुम्हारी तरह दिखावा तो नहीं करता ,
    जो मन में हो ज़ुबान पर भी वो होता है ,
    तुम्हारी तरह पीठ पर वार नहीं करता ,
    लाड़खड़ाता हुए जाता ज़रूर हूँ ,
    पर तुम्हारी तरह सीधा गलत रस्ते पर नहीं चलता , मधुशाला में बैठ कर गम ही तो गलत करता हूँ ,
    तुम्हारी तरह मंदिर में बैठ कर धोखा नहीं करता

    ©safar08