• anju20 6w

    रात

    एक गीली सी रात बिछायी थी तकिए के ऊपर,
    भीगती रही रात भर आँखो के पलको तले|

    जिन टुटी ख्वाहिशों की सलवटे पड़ी थी बिस्तर पर,
    उन्हें सुबह की उजास में झाड़ आयी थी मैं|
    ★अंजू निगम★