• lovejoshi 14w

    (मेरा मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं है)

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    एक गज़ल आसाराम पर

    अगर नीयत फसाने की जो सरकारी नहीं होती
    बना मुजरिम जबरदस्ती गिरफ्तारी नहीं होती

    दलीलें है वकालत की किसी मुजरिम के फेवर में
    कि अस्सी साल के बाबा से बमबारी नहीं होती

    नहीं मिलती उमर भर क़ैद की हल्की सजा यारों
    अगर फांसी पे लटकाते मगजमारी नहीं होती

    बचा लेते वो गिरधारी वो त्रिपुरारी वो बनवारी
    जो आसाराम की फितरत बलत्कारी नहीं होती
    ©lovejoshi