• love_not_a_desire 15w

    संस्कृति की इज्जत लुटी,
    आबरू पे उसके हाथ है डाला।
    दुनिया है ये‌ झूठी,
    जो बाद में करती है इन दरिंदो का मुँह काला।
    जनता की नींद है टुटी,
    जब उनकी ही बेटी की इज्जत लुटी।

    आज भी इस देश में लड़की,
    सहमी सहमी रहती है...
    दिन ढलते ही घर में ये छुप के रहती है।

    छोटे कपड़ों में देख कर,
    ना जानें लोग क्यों बातें बनाते हैं...
    उन दरिंदों की दुर की बात,
    अपने मौहल्ले की आँटी भी ये कहती हैं...
    "लड़की हाथ से निकल गई"
    छोटे कपड़े नहीं उनकी सोच है,
    अरे ऐेसा सोचने वालों तुम्हारे दिमाग में ही मोच है।।
    ©love_not_a_desire