• shyam_jee_mirzapuri 6w

    आकाश में उड़ते हुए कपड़े के टूकड़े को देख एक बच्चा तुतली भाषा मे बोला.....
    एक ऐछा अपना घल हो
    अंबल मे अंबल हो
    उसपे छोटा सा घल हो...
    #shyam_jee_mirzapuri
    @naman_khandelwal
    @awadhi
    @sawanthakur

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    एक ऐसा अपना...

    एक ऐसा अपना घर हो
    अंबर मे अंबर हो
    उसपे छोटा सा घर हो
    उड़ता अंबर
    उड़ता अपना घर हो
    एक छोटी सी बगिया
    फूलों का उपवन हो
    उनमें तितली रंग-बिरंगी हों
    भौरें गुनगुनाते हों
    पंक्षी चहचहाते हों
    मित्र-मंडली मुझ संग दौड़ लगाते हों।

    उड़ते जायें,
    उड़ते जायें हम दूर दूर तक
    खत्म ना होवे,
    खत्म ना होवे अन्तहीन अनन्त
    चाँद को छू लें हम
    तारों की नगरी में घूमें हम
    मेघ मेघ से लुकाछिपी खेलें हम
    बीच सिन्धु हवाओं में झूले सा झूलें हम
    खूब मौज उड़ायें हम
    मस्ती में झूमे गायें हम
    एक ऐसा अपना घर हो।
    ©shyam_jee_mirzapuri