• kavish_kumar 1w

    पेड़ों की ओट में अब ये गिरता पानी है..
    स्याह मेघों के घरानों की बारिश खानदानी है..
    हथेली पर गिरती बूंद उतर जाती है मन में भी..
    गरम चाय की संगत में वो प्याली भी दीवानी है..
    © Aatish ��