• pratimgautam 4w

    #कविता #mirakee #hindi

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    कुछ दिनों से तन्हा सा था मेरा दिल
    शायद कुछ कमी सी हो गई थी ।
    कहीं गहरी सी नींद सा सो गया था में
    चंद खयालों में खो गया था में।
    किसी का तो इंतजार था इस रूह को
    जिस्म भी दर्द से बच ना सका।
    आखों में एक पैग़ाम की उम्मीद थी
    उड़ते ख्वाबों का भी ऐतबार ना रहा।
    पर अब इन बातों को छोड़ चुका हूं में
    अपनी राह में बोहोत आगे निकल चुका हूं मैं।



    ©pratimgautam